फरीदाबाद: रिहायशी क्षेत्र में डेयरी चलाई, तो होगी जेल, 7 दिन में सर्वे और सीलिंग के आदेश, नई गाइडलाइन जारी 

  • रिहायशी इलाकों में डेयरी चलाने वालों की खैर नहीं, 
  • सीवर जाम और गंदगी से मिलेगी मुक्ति, 
  • क्या आपका पड़ोसी भी पाल रहा है अवैध पशु? नगर निगम की नई नीति से मचेगा हड़कंप, 
  • गोबर से चोक हो रहे सीवर और जहरीली गैस का खतरा, 
  • शहर की स्वच्छता के लिए कैटल डंग मैनेजमेंट पॉलिसी लागू, जॉइंट कमिश्नर बने नोडल अधिकारी, 

Faridabad शहर को गंदगी और सीवर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए Municipal Corporation Commissioner Dhirendra Khadgata ने एक निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है। शहर के रिहायशी इलाकों और Unauthorized Colonies में बिना अनुमति के चल रही डेयरी अब प्रशासन के निशाने पर हैं। मेयर Praveen Batra Joshi की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद, कमिश्नर ने स्पष्ट कर दिया है कि जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

सीवर व्यवस्था के लिए काल बना पशु अपशिष्ट

शहर के विभिन्न हिस्सों में संचालित अवैध डेरियों के कारण Sewerage System पूरी तरह ध्वस्त हो रहा है। डेयरी संचालक पशुओं का Animal Waste और Cattle Dung सीधे नालियों और सीवर लाइनों में बहा रहे हैं। इससे न केवल Sewer Overflow की समस्या पैदा हो रही है, बल्कि सीवर लाइनों के भीतर खतरनाक Methane Gas का निर्माण हो रहा है। यह गैस Sanitation Workers के जीवन के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो रही है। इसी गंभीरता को देखते हुए Cattle Dung Management Policy को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया गया है।

जॉइंट कमिश्नर संभालेंगे कमान: 7 दिन का अल्टीमेटम

Commissioner Dhirendra Khadgata ने सभी Joint Commissioners को Nodal Officers नियुक्त करते हुए निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में 7 दिनों के भीतर सघन Survey पूरा करें। इस सर्वे के दौरान ऐसी सभी डेरियों को चिह्नित किया जाएगा जो बिना किसी वैध Permission के चल रही हैं। यदि कोई भी डेयरी अवैध पाई जाती है, तो उसे तुरंत Sealing करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, यदि गोबर निस्तारण का वैज्ञानिक प्रबंध नहीं मिला, तो भारी Penalty भी लगाई जाएगी।

कानूनी कार्रवाई और जन स्वास्थ्य की सुरक्षा

नगर निगम ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ Haryana Municipal Corporation Act 1994 और Indian Penal Code (IPC) की धारा 188 के तहत सख्त Legal Action लिया जाएगा। शहर में बीमारियों के फैलाव और Public Health को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम अनिवार्य बताया गया है। बैठक में Old Zone में बढ़ते Encroachment की शिकायतों पर भी चर्चा हुई, जिस पर कमिश्नर ने तुरंत Anti-Encroachment Drive चलाने के निर्देश दिए हैं।

पार्षदों और अधिकारियों की साझा रणनीति

मेयर कैंप ऑफिस में हुई इस बैठक में Faridabad 89 Area के सभी पार्षदों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जनप्रतिनिधियों ने सीवर जाम और गंदगी की समस्या को प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद Administration ने इस मास्टर प्लान को मंजूरी दी। अब अगले एक हफ्ते तक पूरे शहर में निगम की टीमें सक्रिय रहेंगी, ताकि Residential Areas को इन अवैध गतिविधियों से मुक्त कराया जा सके।

 

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